कविता- मुझे अंधियारों में कहीं खोने दो।
दिनांक- 15/05/2023
दीपक बुझा दो कि रात होने दो,
मुझे अंधियारों में कहीं खोने दो।
टूट गया हूं अपनो की read more >>
माँ
माँ तो आखिर माँ होती है ,
माँ जेसी कोई कहाँ होती है
माँ तो आखिर माँ होती है |
जब भी अँधेरा छा जाता है ,
वह दीपक बन जाती है ,
इक अकेली र read more >>