कविता = ( भगवान )
आत्मा ही परमात्मा !
फिर भी ढूंढ़ें भगवान !!
पत्थरों में तराश रहा !
रोज़ नए भगवान !!
आत्मा की बददुआ !
न खाली जाए वार !!
आत्मा � read more >>
कविता = ( किरदार )
एक पर्दा है संसार !
हम सब हैं एक किरदार !!
अदाकार की अदाकारी !
देख रहा वो बैठा पार !!
ख़त्म न होती यहाँ कहानी !
बस बदलते हैं क read more >>
गलत हूं मैं या सही हूं....मैं
तुम मुझे बता दिया......करो..!!
दोहराया ना जा सके गलतियां
इसलिए हो सके तो सज़ा दिया..करो..!
क्या हैं चेहरा मेर� read more >>
बहुत हुआ है देर अब,अब तो आंखें खोल।
सूरज लाए दिवस नव,जो है अति अनमोल।।
नित्य बढ़े यह रोग अब, अब तो आंखें खोल।
मानवता पर घात है, हो जाएं स� read more >>