बहुत खुश देखा। हमने उन्हे उस दिन ।
जब वो अपने किसी,
एक पूराने साथी से मिले।
लगा रब से थी । आरजू यही ।
पर, रब ने,मन की मुराद अघूरी रख दी।
म� read more >>
मुहोब्बत का एक अलग ही सुरूर है, मिया
जिसे मिल जाय बो मगरूर है।
जिसे छोड़ दे वो गम में चूर है।
नये आशिको के लिए इस में नूर है।
जो हर एक से म� read more >>