हम कौन थे.....
कहां पर रहे हैं कहा जा रहे हम।
पश्चात सभ्यता में पलते जा रहे हम।।
यहीं के जगत गुरु थे सारे जहां के ।
वेदों की ज्ञान गंगा बह read more >>
कविता ( गिला )
रब से न कोई गिला !
जो मिला सही मिला !!
फ़क़ीरी में, मैं हूँ पला !
फ़क़ीरी का भी हो भला !!
फ़क़ीरी से ही सीखा हूँ !
जीने की हर कला read more >>
मैं उस देश का बेटा हूं.....
मैं उस देश का बेटा हूं जहां गंगा यमुना बहती है,
मैं उस देश का बेटा हूं जहां सम्मान सिखाई जाती है ।
मैं उस देश क� read more >>