दियो न पेई यू भाई!
जीव जगत यु न टुलाई!!
जगत एक भाई, मानव एक भाई !!
तौउ आपस मे यु क्यु गुराई!!
Writer:-ASHOK PRIHAR
शब्दार्थ:-
दियो :- योगदान,
जगत: read more >>
बड़े भाग्य की बात है, मातु पिता हैं साथ।
खुशियां घर में नित रहे, गौरव मय है माथ।।
बड़े भाग्य की बात है, मनुज वंश में जन्म।
सदा धरा पर है � read more >>
शीर्षक (रह जाने दो।)
मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर)
रहने दो मेरे दिल कि बाते,
मेरे दिल में ही रह जाने दो।
उन्हें कुछ पल और मेरे साथ बितान� read more >>
*छत्तीसगढ़ी प्रतीकात्मक बालगीत*
*1- ( अटकन )*
अर्थ-
जीर्ण शरीर हुआ जीव जब भोजन उचित रूप से निगल तक नहीँ पाता अटकने लगता है--
*2- ( बटकन )*
अर्थ-
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