कविता - ( ग़ज़ब )
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
जीतने से पहले सेवक !
जीतते ही सरताज !!
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
याचक बनक read more >>
जब हम सफर पर निकले तो पता चला दुनिया में कई और भी हमसफर की तलाश में है ।
शराबी से पूछा तो पता चला जीवन का सार शराब में है ।
वैरागी के पास ग� read more >>
रो रहा है दिल मेरा आंखो से अश्रु की जल धारा बह रही है,
देखकर आज गौ-माता की यह हालत मुरली वाले तेरी याद आ रही है,
द्रापद में जो तेरी मुरली क� read more >>
दिल दुःख ही रहा जब कान ने यह सुना,
आंखो से पानी का झरना बहता रहा,
इंसान कैसे इतना राक्षस बन गया,
जिसे प्यार करा उसका कत्ल भी कर दिया ।।
र� read more >>