‘‘अमा यार, तुम्हें मालूम है! आज मेरे घर साधुओं की फौज आई थी।’’ राजेश ने सहकर्मी गौतम से कहा।
गौतम ने अनमने ढंग से जवाब दिया,‘&lsquo read more >>
उनकी यादो में हम इस कदर डूबे की कुछ याद न रहा
कहना था बहुत कुछ उनसे पर ये दिल चुप ही रहा
और जब आये बो सामने तो दिल रह न सका
फिर इसने उनसे � read more >>