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पैसे वाले अक्सर भीख दिया करते हैं इज्जत नहीं
घमंडी पैसे वालों से रिश्ता ना रख हितैषी से रिश्ता रखना ज्यादा बेहतर होता है। (सीख) -घमंडी पैसा वाला आपको भीख दे सकता है मगर आप का हित
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कठिन परिस्थितियों में एक ख्वाहिश जरूर रखना
चल अचल दुखों से गुजर कर है कुछ बेहतर काम करना ना कर सके गर कुछ तो कोई गम नहीं बेहतर इंसान बन है रब के दर अपना नाम लिखना। ( Kirti sin
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अश्क तो मोती है।
अश्क तो मोती है। आखो के खुशी हो या गम, पलको से टप-टप, दिल को अहसास , मन मे विश्वास जगाते है। ये कभी हमे प्यार से पास तो कभी दूर ले
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
लोगों से उम्मीद मिले न मिले।लेकिन नसीहत जरूर मिल जाती है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
बड़ा को छोटे से सलाम नही और छोटे को बड़ों से सलाम नही।लेकिन खुदा बने दोनों की तमन्ना है।
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जब कहना था तो
जब कहना था तो कहा नहीं अब कहने को कुछ बचा नहीं मूक था मैं या बना दिया चुप रहना हमें सिखा दिया कहने का अवसर भी गंवा दिया बांध लिया तुमने �
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बूंद की व्यथा
टपक रही नल की बूंदे खुद को सोच रही क्या यही हमारी किस्मत है क्या यह बदलेगी नहीं क्या नहीं गिर सकती मैं किसी के शरीर पर क्या नहीं पड़ सक
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पेड़
जीने के लिए हवा खाने के लिए खाना, कौन ये सब देता है तुम यही बतलाना। गाय भैंस बकरी व घोड़े सब पेड़ खाकर जीते हैं, भूलना मत तुम सेहत हेतु इन�
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सांझ
जिंदगी कड़ी धूप तो छांव है ये सांझ। आकर चुपके से कानों में कुछ फुसफुसाती है ये सांझ। अपनों को साथ बैठाती है तो चाय संग पकौड़े भी खिलात�
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कोरोना या...
काम है न काज है, मिलता नही अनाज है, लॉकडाउन में रह के हमने देखा सबका राज है कुछ ने तो दीपक मोमबत्ती और टॉर्च जलवाया है किन्तु कुछ ने अवस
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विरह-प्रसंग(1-11 दोहे) सुनील कुमार नायक
(1)बैरण बादळी मत बरसै,म्हारौ पिवजी बसे परदेश। पिवजी बेगा आवजो,हिवङै मे करुं कलेश।। (2)सावण सुखो जाय पियाजी,कद आओ म्हारै देस। गौरी त�
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जब वो रूठ जाती है
जब वो रूठ जाती है घुटनों के बल जमी पर बैठकर तिरछी नजर से देख जाती है जब वो रूठ जाती हैं चेहरे को अपने फुलाए हुए नयनों को अपने जमाये हु
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