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अब उसे समझदार कहूं या बे बकूफ की जो जन्नत देने के लिए आजान देकर बुलाई जाति है फिर भी उसके तरफ कोई नही लौटता है।लेकिन अगर ऐलान कर दो की read more >>
आजान होती रहती है किसी को कुछ फर्क नही पड़ता है किस लिए बोलाई जा रही है।लेकिन अगर जन्नत बांटने के लिए ऐलान करा दी जाए तो सबसे पहले लाइ� read more >>
देख मेरी बहना तेरी इज्जत ही तेरी जिस्मों का गहना है।उसे मोहब्बत करके एक गैर के लिए उस पे दाग मत लगाओ। read more >>
शहर से निकले कि वे शहर हो गए , घड़ी भर न संग ले बेखबर हो गए। अब तो पूछा किये किस गली में हो तुम, हर अंधेरे से बढ़कर रोशनी हो गए। शायद नहीं थ read more >>
मानव कितना दीन हो गया बड़ा संवेदनहीन हो गया आगे बढ़ता जाता है मुड़कर नहीं देखता उसको जिस पर चढ़कर खेली आनंदो की होली। मानव कितना दी� read more >>
दर्द तो होता है! मगर दवा नहीं आती!! शिकवे हैं  बहुत उससे! मुझे शिकायतें नहीं आती!! तकलीफ है, रूह है, ये उसकी! कम्बख्त मेरी जान भी नही read more >>
झूठ बोलकर भले ही तुम राजा बन गए हो लेकिन जन्नत सिर्फ फकीरों को ही मिलेगा झुठठों को नही। read more >>
तुम दीप में ज्योति बनके प्रज्वलित होना मैं रात में चांदनी बनके रोशनी बिखेरूंगी। 🌛🌜🌛🌜🌛🌜🌛🌜🌛 तुम धूप में छांव बनके राहत देना मैं भ� read more >>
नमाज नही पढ़ेंगे लेकिन प्रेरणा देंगे जन्नत में जाने की और कैरेक्टर बनाए हुए है फिरौन के जैसा। read more >>
प्यार सिर्फ सुनने में ही अच्छा लगता है होने पर लोगों को हजम नही होती। read more >>
मुझे गरीब मत समझो शाहब तुम्हारे जैदात से बड़ा मेरी सपने है। read more >>
घूमे हारे थके हुए आकार सो गय पता नहीं हुआ सवेरा चिंटू गुल्लू के संग भागे पता नहीं ना खाने की चिंता थी ना रहने की थी फिकर बस जो मिला खा लि read more >>
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