शहर से निकले कि वे शहर हो गए ,
घड़ी भर न संग ले बेखबर हो गए।
अब तो पूछा किये किस गली में हो तुम,
हर अंधेरे से बढ़कर रोशनी हो गए।
शायद नहीं थ read more >>
दर्द तो होता है!
मगर दवा नहीं आती!!
शिकवे हैं बहुत उससे!
मुझे शिकायतें नहीं आती!!
तकलीफ है, रूह है, ये उसकी!
कम्बख्त मेरी जान भी नही read more >>