मुख चमका न्यू चांद चमक रहा र गोरी ले छतरी की ओट बरस रहा र, गोरी ले छतरी की ओट बरस रहा रे -२
तेरी ठोडी ऊपर काला तिल जच रहा र-२
"सामण महीना आ� read more >>
जो करे बुराई दुसरे की, मत बैठो उसके पास,
जब तक आखों से ना देखो, मत करो विश्वास!!
देख बुराई दुसरो की, ना मन में सोच बढ़ाए
जाहिर करो ना � read more >>
इतने कष्ट सहकर दुनिया को जन्म देती है औरत!
फिर क्यों दुनिया में आने से पहले ही मारी जाती है औरत!
टूटे- फूटे खंडहर को भी मकान बनातीं है read more >>
ऐ नारी! तू अबला नहीं! तू कमजोर नहीं!
जो टूट जाए खींचतानी से,
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