अरसे बाद,खुद को पहचान पाई हूं,
ये मेरे अहसास की सुगन्ध है,।
समय का इक पहलू ,मेरा बड़ा भयभीत रहा ,
फिर भी मुसाफिर इक जिन्दाबाद रहा,।
ज़िन्� read more >>
नशा है तेरे प्यार का
कही मैं खो ना जाऊ
मुझे तुमसे महोब्बत है इतनी
कही मैं पागल हो ना जाऊ..
हद हो गयी है अब
कर कदर मेरे प्यार की
मैं तो दीव read more >>