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जितनी रोशनी मिली उतने तुम नहीं मेरे जितनी चांदनी रही उतने तुम नहीं मेरे। साथ ग़म का रहा दूर न जाने पाए सिसकियां देखने क्यों आए नहीं � read more >>
वो सफ़र मे एक चाँद जैसा है 2 दूर तो है लेकिन दिखता रहता है ll बदहवास नजरे मेरी उसको देखती हैं काश वो मेरे रुबरु होता, और उसी से मैं लिपटा � read more >>
धूप की रंगत तो देखो........... ऐसा लगता है और चढ़ेगी तिलिस्मि काम है इसका इंसान सुखा होगा तो भिगा देगी..... बीती शाम तो चली गयी नहीं पकड़ पाया read more >>
मैं कहूँ एक ख्वाब वो सोचूँ उसे हर रात मे l उससे नज़र की गुप्तगु होती नहीं अल्फ़ाज़ से ll ठहरे हो जो मेरे होंठ पर शब्दों का है इक गान वो... read more >>
झूठी उम्मीदों को लेकर आश लगाए बैठे थे। हम उतने काबिल थे ही नहीं जितने की बताये बैठे थे। आधार तुम्हारे मन का था सहज भाव सा जीवन था अनु� read more >>
चलो फिर से थोड़ा जी लें खुशियों को ख़ुशी भर जी लें चलो उस लम्हो को सच कर लें निर्दोष पल को निर्दोष बन जी लें वो कल बड़ा ही अजीब था मगर खु� read more >>
ये मौसम ये बहारें हैं जवां, दो दीवानें दिल मिले हैं जवां,, ये मोहब्बत ए-सुरूर है जवां, इनायत ये ख़ुदा का है जवां।। -मोती read more >>
गुज़रते हैं वक्त इस तरह, मेरे दिन क्या रैन इस तरह,, याद बन जाए मोहब्बत अब, गुज़र जाया करो इस तरह।। -मोती read more >>
In the tapestry of life, relationships are the delicate threads that weave our experiences into a meaningful whole. They are the colors that paint our journey, the melodies that fill our hearts, and the mirrors that reflect our true selves. At the core of these connections lies a profound truth: if you have the courage to express your innermost tho read more >>
प्रकृति का नर्तन जब आरंभ होता है! तब घुंघरु का मधुरिम स्वर नहीं काल का तीक्ष्ण नाद सुनाई देता है!! प्रेक्षा त्रिपाठी ✍️ read more >>
ए जिंदगी मुझको तू बस इतना तो बता दे रहती है कहा तू अपने उन गलियों का हमको पता तो बता दे कभी इस गली तो कभी उस गली में हर घडी ढूढता रहा मैं � read more >>
मनुष्य बड़ा अभिलाषी है भूल जाता है की आपका ही तो दIसी है पाँचों उंगली का माप सामान नहीं मन हर इंसान बल बुद्धि विदवान नहीं परंतु कर तो सब read more >>
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