चारों और जगत मे,
दिल की ....
नफ़रत का बोल. बाला है।
मे भी तो यहाँ ,
खाके चोट जमाने से तड़ता रहा हूँ ।
ये तो
मुझे मेर...... दोस्तों ने सँभाला ह read more >>
वो इश्क़ ही क्या, जो दर्द ना दे
और वो इश्क़ ही क्या जो मुकम्मल हो जाए.....
वो इश्क़ ही क्या, जो आँखो मे आशु ना लाए
और वो इश्क़ ही क्या जो चेह� read more >>
एक दिन सफलता मेरे सपनें में आई और बोली मैं तुझे बहुत दिनों से देख रही हूँ तो बहुत मेहनती,हमेशा कुछ न कुछ करता रहता हैं.सफल होने के लिये, म read more >>