मेरी गली में तेरा आना यू बार बार हो जाए..
काश हर रोज तेरा दीदार हो जाए..
दोस्तो से कभी फुरसत मिले तो ऊपर भी देख लेना...
काश यू ही नजर से नजर � read more >>
मुद्दत बाद सफ़र मिला हैं..जिंदगी तू अब ठहर मत
चलते रहे बस उसी रास्ते..गिन तू अब शहर मत...!
जो गुजर रहा हैं उसे बस..अब गुजरने दे
तू हंसी ख़ read more >>
कविता = ( कोख )
कोख में अपनी माँ मेरी हमको देती मार !
नारी नर्क से निकाल के हमको कर देती उद्धार !!
श्राप ग्रस्त इस योनि से हमको देती तार !
हम read more >>
कविता = ( कोख )
कोख में अपनी माँ मेरी हमको देती मार !
नारी नर्क से निकाल के हमको कर देती उद्धार !!
श्राप ग्रस्त इस योनि से हमको देती तार !
हम read more >>