ये बारिश का मौसम भी क्या रंग लाया
कहीं खुशियों का मंजर तो कहीं गम का साया,
कहीं कोयल की कू कू कहीं सावन की मस्ती, कहीं पानी में डूबी गरीब� read more >>
कई बार ,कई लोगों ,ने हम से कहा -
ये मुहोबत,..२..३..२
नहीं, कुछ भी एक दर्द के सिवा।
जिसने भी पला है इसे सीने मे
हुई तकलीफ बहुत उसे जीने मे।
� read more >>
अक्सर नज़रे उससे गलियों में मिला करती है...
बात नही की कभी पर वो देख के मुस्कुरा दिया करती है ...
मैं आवारा हू उस गली का...
जिस गली से वो गुजर� read more >>
वो आज भी मेरी गली से हॉर्न बजा कर गुजरता है...
जब तक मैं ना दिखू दो तीन चक्कर लगा के गुजरता है...
और मेरे गली के लड़को से दोस्ती कर ली है ....
कह read more >>