(मुक्तक छंद)
सुबह सुबह जब साथ में,पीते हैं सब चाय।
रहे खुशी की शुभ घटा, मिट जाते हैं हाय।
आपस में हो प्रेम तब, रहे सुखी परिवार_
फिर जीने क� read more >>
(मुक्तक छंद)
होना भी तो चाहिए,पड़ा जेब में नोट।
इच्छा सब ही पूर्ण हो, करूं खुशी से वोट।
फिर तो सबका साथ हो,मिलती विजय हजार_
देवलोक है तब � read more >>
आह !
वेदना......
वो सूनी रेलिंग....
अंतहीन इंतजार.....
काश! आते तुम
और महका जाते मेरी पीड़ा।
जाते समय पुर- उम्मीद
लौटे तो न-मुराद।
हर रोज ही न� read more >>