सरहदे ,बंदिश बनी है।
आज,तब - जब
निभानी थी। मुझे, एक रस्म ,
संसार की,
जो जोड़ देगी ,किसी दिल से
मुझे
अभी ,कुछ है ।
जिन्दा बची, ,ख्वाईशे मे� read more >>
मुझसे न भुलाई गई याद तेरी ,
मुझसे न भुलाई गई फ़रियाद तेरी ,
पहले से ज्यादा याद आई____
तेरे जाने के बाद तेरी ।
__शिव किशोर ,शाहजहांपुर , यूपी read more >>
अधूरी दोस्ती
लीला व माया में बहुत गहरी दोस्ती थी... लीला अपने घर में माता - पिता व भाई की लाडली थी जो वो मुँह से निकालती वो उपलब्ध हो जाता read more >>