क्या लिखूं !मन मौन है !पर लिखने को भी मन बेचैन है!
उलझन है मेरी उसको मैं !
ना सुलझा सकी !
राह के एक पत्थर को भी मैं
ना हिला सकी दर्द से कराह� read more >>
कभी खुद से भी मिला करो
कभी अपने से भी बात किया करो! सबसे ना मुख मोड़ा! करो! हर पल सच की भी खबर रखा करो
यह तो सच है कि सच कहने वालों को भी सहन� read more >>
एक रिश्ता बेनाम सा.. ना हासिल ना जुदा ... ना खोया ना पाया.. फिर भी करीब- सा ..मोहब्बत तो नहीं पर मोहब्बत सा.. जरूरत तो नहीं पर जरूरी सा.. जाने क्य read more >>
एक प्राथमिक स्कूल मे अनीशा नाम की एक शिक्षिका थीं वह कक्षा पांच की क्लास टीचर थी, उसकी एक आदत थी कि वह कक्षा मे आते ही हमेशा "लव यु आल" बोल� read more >>
""अर्ज़ करता हूं-
परिचय पर ग़ौर फरमाइएगा..
""जो आपका-
परिचय वहीं मेरा परिचय..
""आप जिस-
देश से आए हैं,
मैं भी उसी देश से आया हूं..
""जाना सबक read more >>
""मां-बाप के-
होने से कितना सुकून है,,
""कभी सोचा-
तुमने चैन की नींद आती है,,
""अगर वो-
ना हो तो कितना ग़म होगा,,
""जीते जी-
अनाथ हो जाएगा,
और � read more >>