संसार में समस्त-
कर्म की पूर्ति के पांच कारण...
जब मानव,
दिव्य भाव प्राप्त कर लेता है...
तब वह पूर्णता को-
अनुभव करने लगता है,
वह जानने य� read more >>
धरती-
में हवा का चलना,,
संसार का-
स्वंय में गतिशील होना,,
इस शरीर में एक-
एक श्वांस का आना-जान,,
क्या यह ही-
वह शक्ति है जिसे लोग,,
भगवान- read more >>
तुम मिलो या न मिलो, मुझे गम नहीं
पर यह सत्य है, तुम हीर से कम नहीं।
कब तक रोक पाओगी,
मेरा प्यार तेरे लिए ही है।
तुम नहीं जानती मेरी चाहत � read more >>
कुछ इस कदर जख्मों का सिलसिला शुरू हुआ है,
एक के बाद एक नए रूप में दस्तक दे रहा है।
सारे सपने रेत की महल की तरह बिखर गए,
दिल में एक आह सी कस� read more >>
तेरी ख़ातिर चांद तोड़ कर मैं जमीं पर लाया था ,तेरी ख़ातिर पसीने की जगह मैंने खून बहाया था , हम तो कैसे भी काट ही लेंगें पर तुम चैन न पाओगी__ read more >>
* गीत *
हम जिन्हें चाहते थे हर दम मुझे उनसे मिले हैं ग़म ही ग़म, मुझे उनसे मिले हैं ग़म ही ग़म , हम जिन्हें चाहते थे हर दम । मैंने दिल में उ� read more >>