तेरी ख़ातिर चांद तोड़ कर मैं जमीं पर लाया था ,तेरी ख़ातिर पसीने की जगह मैंने खून बहाया था , हम तो कैसे भी काट ही लेंगें पर तुम चैन न पाओगी__ read more >>
* गीत *
हम जिन्हें चाहते थे हर दम मुझे उनसे मिले हैं ग़म ही ग़म, मुझे उनसे मिले हैं ग़म ही ग़म , हम जिन्हें चाहते थे हर दम । मैंने दिल में उ� read more >>
जीवन के संघर्ष में थक कर कभी ना हार...
जीवन के संघर्ष में थक कर कभी ना हार...
घिस घिस कर पत्थर से बनती लोहे की धार...
घिस घिस कर पत्थर से बनती read more >>
नई सुबह
सुबह हुई है उजालों ने फिर दस्तक दी है...
अंधकार मिटा है उम्मीदों ने साँस ली है...
सूर्यास्त हुआ है और भीनी धूप खिली है...
मद्धम हवा read more >>
रोने लगी शराब हम तरस खाकर पी गए , ग़म हुऐ दिल से जुदा हम मर गए थे जी गए ,पीता न गर, शराब दिल तार_ तार रहता___पी ली जब दो घूंट दिल के टुकड़े सी गए read more >>