गिरा आम के पेड़ से डाल, बच गया भईया बाल-बाल
आगे दिखा गजब टीकोरा, मन विचलित हुआ निहोरा
रात का मसला बीसो बार, अपना फेटा कई बार
जो पढ़ जाए वो दी read more >>
दिन और रात का पता नहीं है
मुझे इस महीने में !
कुछ ऐसी हवा चली है !
मेरे जीवन में !
आग इतना भी ना लगाओ !
मेरी जिंदगी के इस आगन में !
कि कई बर� read more >>