नहीं चुभता है,क ईबार बेगाने से,
चलो हम डूब गए, किसी बहाने से।
संग था,अपनापन था, जिन्दगी आसान थी,
घिरे मझधार में ,नही बुलाने से।
चलें जिस भ read more >>
माना कि जिंदगी कभी-कभी बहुत इम्तहान लेती है,
पर कुछ अच्छे के लिए आगे वो तैयार भी तो करती है,
जीवन में कुछ पल के दुख के लिए क्या हम वो सार� read more >>
युग- युग ने यह गीत गाया, अत्याचारी कभी बच नहीं पाया ।
जिस ने किया अत्याचार उसको पड़ी समय की मार ,समय कभी राम बनके आए ,ना माने अत्याचारी पु read more >>
खेल खेल मे कूद गा भईया, टूट गा चारपाई भईया
देखा ज़ब मै ज़ब उसको यार, खत्म हुआ सारा प्यार
नोच नोच के रख दिया यारा, बुरा हुआ सब कुछ मेरा यारा
न read more >>