" एक और मुलाकात "
वो मिले मेरे को उस वक्त जिस वक्त उनके गले मे मंगलसूत्र, माथे पे बिंदी और माँग मे सिंदूर था, देखकर वो दूर खड़े होकर मुस्का read more >>
"मर्दे जात"
ये मर्दे जात अजीब होती है,औरत का चयन उसकी चमडी से करता है,मोलभाव करता है,ऊँची ऊँची बोली लगता है,जिस्मों की मण्डी मे हर वक्त इ� read more >>
कविता- मुझे अंधियारों में कहीं खोने दो।
दिनांक- 15/05/2023
दीपक बुझा दो कि रात होने दो,
मुझे अंधियारों में कहीं खोने दो।
टूट गया हूं अपनो की read more >>