ओ रिश्ता तोड़ देंगे जो किया था उम्र भर निभाने का,
अब और दिल नहीं करता खुद को और गवाने का,
एक हम है जो उनको राम समझते थे,
और ओ चुपके चुपके ग� read more >>
जिस तरह देश में दंगे फसाद हो रहें है। यह बुलकुल सही नही है। आखिर कहाँ जा रहाँ है। हमारा देश पहले सरकार ऐसे लोगों को पालती है। और बाद में � read more >>
हम हर किसी के हो जाएंगे,तूने ये कैसा वहम पाल रखा है,
एक तेरे लिए अपने दिल से मजबूर है...
वरना तेरे जैसों को तो हमने ब्लैकलिस्ट में डाल रखा � read more >>