Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
एहसास जो कुदरत का हो, तोहफा है सब कुछ- बेमिसाल झरता ये अमृत का झरना, घट में टपके- वाणी में सुवासित घुला हो जीवन का ये ज्योति- प्रज्वल� read more >>
होती इश्क की दास्तान मुकम्मल, अगर तू मेंरे सात होता! होता तीलस्मी खंजर इश्क का कोई, तो तेरे सिने में गाड देता! बेशक तूभी मेरे read more >>
ਖੇਤੀ ਰੋਬੋਟ: ਕਿਸਾਨਾਂ ਦਾ ਆਰਥਿਕ ਮਿੱਤਰ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਖੇਤੀ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨ ਘੱਟ ਰਹੇ ਹਨ। ਕਈ ਆਮ ਵਾਕ ਦੁਹਰਾ ਕੇ ਖੇਤੀ ਦਾ ਕਿੱਤਾ ਛੱਡ ਰਹੇ ਹਨ ਕਿ ਇਹ ਹੁਣ ਮੁਨ� read more >>
Agriculture Robot: Economical Friend of Farmers Farmers are decreasing in India in the agriculture sector. Some are leaving the farming profession by repeating common sentences that it is no longer profitable, becoming risky day by day. Its disadvantages do not allow even the youth to take interest in it. Robotics will surely bring the agricultu read more >>
कृषि रोबोट: किसानों का किफायती दोस्त कृषि क्षेत्र में भारत में किसान घट रहे हैं। कुछ सामान्य वाक्यों को दोहराकर खेती के पेशे को छोड़ read more >>
मुहोब्बत का एक अलग ही सुरूर है, मिया जिसे मिल जाय बो मगरूर है। जिसे छोड़ दे वो गम में चूर है। नये आशिको के लिए इस में नूर है। जो हर एक से म� read more >>
वाह रे इंसान ! तू भी क्या खूब फर्ज निभाता है। इंसानियत को रौंद के,मंदिर में जाता है । *** भूखे,निर्धन की भूख मिटाने से पल पल तू कतर read more >>
चलो मुस्कुराते हैं थोड़ा दिल जलाते हैं चलो न थोड़ा प्रेम में पंख लगाते हैं उड़ जायें दूर कही आशमा में छुप जायें चलो हम तुम मिल के एक परिव read more >>
हम कौन थे..... कहां पर रहे हैं कहा जा रहे हम। पश्चात सभ्यता में पलते जा रहे हम।। यहीं के जगत गुरु थे सारे जहां के । वेदों की ज्ञान गंगा बह read more >>
पुकारे राधा और श्याम न आये। तेरे बिना ये खुशियाँ तमाम न भाये, एक पल कहीं आराम न आये। अपने मीत आज काम न आये, पुकारे राधा और श्याम � read more >>
हमारे ह्रदय की कोमल हवेली को हथौड़ों से गिरा के ओ गया है, मोहब्बत करना गुनाह था,ये बता के ओ गया है, अरे ओ तो शौकीन व्यापारी था मोहब्बत ए � read more >>
सच कहु तो अफ़शाना सी हैं अपनों में बेगाना सी हैं तू रोज़ बदलती हैं मौशम सी सच कहु तू परवाने सी हैं जलती तू है रात भर सांमा बनके जलन मुझ � read more >>
Join Us: