⭐ कविता = इश्तहार
प्यार तो इश्तहार हुआ !
चमड़ी का बाज़ार हुआ !!
लैला-मजनू हीर-राँझा !
जुमलों में शुमार हुआ, !!
ये रिश्ता जो था पावन !
आज क्यों read more >>
कहानी- "प्रतिशोध या प्रायश्चित?"
खण्ड- एक
कहानीकार- जितेन्द्र शर्मा
दिनांक- 10/01/2023
निवेदन- सम्मानित पाठकों! यह कहानी कुछ अधिक लम्बी � read more >>