स्वरचित रचना--- किसी से कोई प्यार नहीं करे....!
संदर्भ---प्यार-मोहब्बत
दिल देता है रो-रो दुहाई,
किसी से कोई प्यार न करे!
बड़ी महंगी पड़ेगी ज read more >>
स्वरचित रचना---आओ सुनाएं.........!
संदर्भ--- श्री रामकथा।
आओ सुनाएं तुमको
रामकथा बड़ा प्यारा। !!टेक०!!
भटके हुए लोगों सुन लो,
होगा कल्याण तुम� read more >>
स्वरचित रचना--- वह तो मजदूर है ....!
संदर्भ--- मजदूर
जिनकी पेशानी के बल पर
इस संसार की संरचना होती है।
ऐसे उन असंख्य मजदूरों की
पीड़ा में य read more >>
मेरी माँ के घर के दीपक से , ये सूरज फीका लगता है |
मेरी माँ के घर के आँगन से , मुझे यह शहर छोटा लगता है ||
हम लाख कमा ले दुनिया ज़हान की सारी दौल read more >>
स्वरचित रचना--- सितारों की दुनिया से ...
संदर्भ- प्यार-मोहब्बत!
सितारों की दुनिया से चल करके कोई
मेरे दिल में आकर गया बस है कोई!
हजारों न� read more >>
स्वरचित रचना- यह देश सुधरने वाला है?
संदर्भ--- राजनीतिक व्यय
यह देश सुधरने वाला है?-2
जहां नीचे से लै ऊपर तक, सब घूस पै चलने वाला है।
यह दे� read more >>