शायर का ये जो, ख़िताब है !
मेरे उस्ताद मेरे हालात हैं !
तालीम से रहा महरूम !
गम बेहिसाब है !
गमों ने ही नवाजा ये ख़िताब है !
तजुर्बा ए दौलत read more >>
याद आया हम तुमसे , बहुत पहले मिले ,जिंदगी बन गए थे , बहुत पहले तेरे
तोड़ ना देना मेरे प्रेम का,
वह पुराना दिया,
जिसमें हम तुम जले थे,
एक स read more >>
भूल जाओ बीत गई बातें
बीत जाते हैं जैसे दिन और रातें ,
बहुत मुश्किल है ,
पुरानी बातों को भूलना ,
दर्द से भरे उन दिन रातों को भूलना,
कुछ एह� read more >>
मुझे तुम रोकते क्यों हो....?
मुझे तुम टोकते क्यों हो...?
मैं जिद्दी हूं मंजिल पाने को
देख कर मुझे चौक ते क्यों हो...?
एक आईना सा हूं साफ-स� read more >>
तेरी यादों में ना जाने कितने अंक्क्ष बहाए, ना जाने इस दिल में कितने तूफान उठ आए, मेरे सांसों पर है तेरा नाम, तुझसे मिलने को ये नैना भी तरस read more >>