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मुक्तक भूलें मत परिवार कभी भी,रखिए हरदम याद l मन्दिर है परिवार सभी का,नित्य करें संवाद l सेवा ही साधना बड़ी है,धर्म ही है कर्म= म� read more >>
નસીબની લકીરોમાં હું હરકત કરી લઉં છું, અંધારાના ઊંડાણમાં હું રયત કરી લઉં છું. ​સંબંધોના સરવાળે ક્યાંય ઠરવા નથી મળતું, સ્વયંની ભીતર હ� read more >>
कभी किसी ने कहा था — “समय-समय की बात है…” पर शायद समय भी अकेला कहाँ चलता है, वह तो कारणों की अनदेखी धारा में अपना स्वरूप पाता है। एक नि� read more >>
ना वो आ सके ,ना हम जा सके ना हाल ए दिल हम किसी को सुना सके बस बैठें हैं उनकी राहों में ना उन्होंने कभी याद किया , ना हम कभी उन्हें भुला सक� read more >>
तुम्हारी तारीफ़ में... तुम्हें देखा तो लगा जैसे, फूलों ने रंग तुमसे पाए हों, चाँद ने अपनी चाँदनी का, कुछ अंश तुममें सजाए हों। तुम्हारी � read more >>
लहरों 🌊 में अब बहाव नहीं है, दिल ❤️ पे कोई भी घाव नहीं है। गैरों की तुम बात न पूछो, 🗣️ खुद से भी अब लगाव नहीं है। ,🙇🏻 मेरे दिल के कोने मे� read more >>
वह हसीन शाम वह हसीन शाम आज भी मेरे जेहन में उतर जाती है और अपनी रसमयी ताजगी से मुझे तरोताजा करती रहती है। ठीक से तारीख तो याद नहीं है लेक read more >>
डायन एक आदमी था। पिताजी उनके गुजर चुके थे। माता जी के साथ वह आदमी रहता था। शादी हो चुकी थी। उनके दो शादियां हुई थी। एक बार एक पड़ोसन उस� read more >>
नौजवानों! ज़रा इस दौर की तहज़ीब तो देखो, कुर्सियों पर बैठे हुए ये चेहरों के फरेब तो देखो। जड़ें खोखली कर दीं इन्होंने वतन की बरसों से, � read more >>
ક્યાંક મંજિલ દેખાય છે ને ડગલાં ઉપાડવા ન દે, મારી ભીતરના વહેમો મને આશામાં જીવવા ન દે. ​ખુદને શોધવા નીકળ્યો તો રસ્તાઓ ભૂલાઈ ગયા, આ મૃગજ� read more >>
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