एक बीज को-
इंतजार है धरती का,
पानी का-सूरज की गर्मी का
और ऋतु का-
फिर अपने आप,
जीवन पनपने को आतुर है
जीवन-
का तत्व जो बीच के अंदर है,
यह ज read more >>
पंछी का संदेसा
एक दिन मैं शाम को जब बाहर घूम रहा था, तभी मेरी नजर खेत के नीम पर बैठी एक चिड़िया पर गई । मैंने सोचा चलो एक इसका तस्वीर लेत� read more >>
भारत का नव युवक
युग की लहरों में आज उभर रहा है, नवयुवक का नया अध्याय लिख रहा है।
शक्ति से भरी इसकी आधी चल रही, सपनों को पंख देकर वो उड़ रह� read more >>
रक्षा जब पांच वर्ष की थी, तब वह अपने नाना नानी के घर गई थी। इसलिए आठ वर्ष की रक्षा को अब नाना नानी के बारे में कुछ भी याद नहीं था।
इसलिए व� read more >>