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कभी किसी की- सूरत इतनी अच्छी लगती है बुराई को ही निगल जाती है,, मोहब्बत चीज ही ऐसी है- सब नजर अंदाज कर जाती है -मोती read more >>
एक बीज को- इंतजार है धरती का, पानी का-सूरज की गर्मी का और ऋतु का- फिर अपने आप, जीवन पनपने को आतुर है जीवन- का तत्व जो बीच के अंदर है, यह ज read more >>
तमन्ना-ए-दिल थी- खुशबू बिखेर दूं दिले जहां में मेरे पवित्र- प्रेम का हल्ला मचा दिया, कुछ खास हैं जो अपनों में दिल- तोड़े टुकड़े भी जल� read more >>
यह उम्र और- ज़िंदगी का तक़ाज़ा देखो अपनें किनारा- कर लें अपने को, समझा लो उम्र हो गई इससे पहले जो था- वह ज़िंदगी गुज़ार ली तुमने सि read more >>
आंख मिचोली का खेल खेले हैं हम । गांव की उन गलियों में घूमे हैं हम ।। गले में हाथ डाल साथ घूमे हैं हम । नीम की उस डाली पे खेले है हम ।। द read more >>
पिघल ममता मोम, रम स्वामिभक्ति रगों में घुल गई। निज सुत शोणित से, मां ममता परिभाषा बदल गई। चुटकी भर सैनिक, फ़रेबी फ़ौज से भिड़ गए। यहां read more >>
पंछी का संदेसा एक दिन मैं शाम को जब बाहर घूम रहा था, तभी मेरी नजर खेत के नीम पर बैठी एक चिड़िया पर गई । मैंने सोचा चलो एक इसका तस्वीर लेत� read more >>
भूखे भेड़िये हैं वो, खाने भी आयेंगे तुमको पेट जब भर जायेगा दुख जताने भी आयेंगे तुमको दोगला चरित्र है उनका विश्वास मे मत आना उनकी हद स� read more >>
वक़्त और हालात इन्शान को मजबूर बना देते है वर्ना नेकियों की किताब यूं खाली न होती । और तादाते इश्क़ खुदा की इन्तेहा मत पूंछो वर्ना वलि� read more >>
गर्मी में कविता गर्मियों की धूप, तपता है पृथ्वी पर, सूरज की किरणें, जैसे प्यारे सितारे सजे। प्रकृति के रंग, चमकते हैं हर तरफ, गुलाबी फ� read more >>
भारत का नव युवक युग की लहरों में आज उभर रहा है, नवयुवक का नया अध्याय लिख रहा है। शक्ति से भरी इसकी आधी चल रही, सपनों को पंख देकर वो उड़ रह� read more >>
तुम्हें पता है? जब-जब देखता हूँ तुम्हें देखता हूँ एक उम्मीद के साथ कदाचित् अब हो जाए मुझे प्रेम मगर; तुमसे नहीं; स्वयं से! तुमसे प्रे read more >>
छोटे- छोटे कदमों से, सारे आँगन को महकती । कभी ठिटोली करके तो कभी रूठ वो जाती। नन्ही सी मुस्कान से, मन को मेरे रीछाती। उसके चंचल स्� read more >>
1तुम्हारी हसीं चेहरे को देखकर हर जवां दिल धड़कता होगा। तुम जब आईना देखती होगी,कमबख्त! आईना भी तुम्हें पसन्द करता होगा। 2माना तुम्हारा read more >>
लेखन ऐसा कीजिए,अनुपम हो आगाज। करे नाश पाखंड को,लोगों की आवाज।। लोगों की आवाज,करे भारत को आगे। प्यारा अपना देश,रहे दुख गम सब भागे।। जन � read more >>
लेखन ऐसा कीजिए,अनुपम हो आगाज। करे नाश पाखंड को,लोगों की आवाज।। लेखन ऐसा कीजिए,सब में हो उत्साह। शिक्षा सरल प्रसार हो,बहे ज्ञान की चाह read more >>
धीरे धीरे हो रहा, अंशुमान अब गर्म। भक्ति भाव में सब रहें,छोड़ें कभी न धर्म।। धीरे धीरे हो रहा,ऋतु में खास सुधार। त्याग रहो आलस्य को, ह� read more >>
धीरे धीरे हो रहा,ऋतु में खास सुधार। त्याग रहो आलस्य को, हो अनुपम किरदार।। हो अनुपम किरदार,करे संसार प्रसंशा। बढ़ते आगे आप,पूर्ण होगी read more >>
करना पड़ता त्याग है, खुशियां तब हो पास। ढूँढे से मिलता नहीं,जल्दी कुछ भी खास।। जल्दी कुछ भी खास,लगन से ही है मिलता। रखें सदा विश्वास,फू read more >>
तू बस यूं ही सामने से आया जाया कर, मुझे चाहे ना देख पर मुस्कुराया कर। तेरे आने से पहले मुझे तेरी आहटें भी महसूस होती हैं, इतनी मोहब्बत क� read more >>
रक्षा जब पांच वर्ष की थी, तब वह अपने नाना नानी के घर गई थी। इसलिए आठ वर्ष की रक्षा को अब नाना नानी के बारे में कुछ भी याद नहीं था। इसलिए व� read more >>
कुछ तो हो बदलाव अब,जब हो भला विचार। दुनिया सुन्दर अति लगे, जन्मे खाली प्यार।। कुछ तो हो बदलाव अब,रखें नजर को साफ। अच्छा ही तब सब दिखे,ग� read more >>
कुछ तो हो बदलाव अब,जब हो भला विचार। दुनिया सुन्दर अति लगे, जन्मे खाली प्यार।। कुछ तो हो बदलाव अब,रखें नजर को साफ। अच्छा ही तब सब दिखे,ग� read more >>
चाहत अनुपम जब रखें,कुछ तो हो बदलाव। डालो बदल कुरीति को, रखें सदा सद्भाव।। छोड़ें मत अधिकार,छीन लें अपने हकको। बनकर दिव्य मिशाल,सीख दे� read more >>
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