शराब से नहीं मिटते है गम, इज्जत के साथ शरीर पैसा सब शराब कर देती है खत्म।
इस बात का चाहिए सबूत तो शराबी के घर जाएं जरूर, अगर फिर भी इस बात read more >>
तू चली गई क्यों रिश्ता मुझसे तोड़ कर के ,तू चली गई क्यों आंखें मुझसे मोड़ कर के ,मैंने तो सदा तुझे पलकों पर बैठा कर रक्खा __ मगर तुझे क्या म read more >>
भर गया जब पाप से ज्यादा तो घट फूट गया , लहरों ने जोर लगाया तो तट टूट गया , उठाते रहे जिस कर से घूंघट हमेशा___ अंत समय में उसी कर से अपनों का पट read more >>
लगता है बचपन में हम कुछ ऐसे ही पले गए ,कैसी किस्मत लेकर आए जो ऐसे मनचले भए , हम छले गए यारों ऐसी मोड़ पर___ जहां से रास्ते मरघट तरफ चमचमाते च� read more >>
वक्त गर आया आसमां के पार हम देखेंगे , वक्त गर आया ओलों की बौछार हम देखेंगे , आंधियाँ भी नहीं मिटा सकतीं रेत पर लिखा मेरे यार का नाम___वक्त � read more >>
कुछ धनी किसानों ने मिलकर खेती के लिए एक कुँआ बनवाया. पानी निकालने के लिए सबकी अपनी-अपनी बारी बंधी थी.
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कुंआ एक निर्धन किसान के खेतों के � read more >>
कुछ आहट लेता हूं, कुछ ख़ुशबू आती है।
यह बहकी-बहकी सी, शाम होती है।।
यह ख़्याल रखता हूं, दिल थामें रखता हूं।
तेरे घर की गलियों से, हर दिन � read more >>