गहरी खामोशी का समंदर
एक गहरी खामोशी का समंदर हूं मैं,
हां मैं हूं वही जो कल था और आज भी है और कल भी रहूंगा,
तू झांक कर तो देख तेरे अंदर हूं read more >>
अकेले जीने की ना सोच, धन दौलत शोहरत चाहे हो बहुत, अकेले नहीं कर पाएगा अपने पूरे शौक, कोई तो चाहिए जीवन में दोस्त, अकेले दिल की बात दीवारों read more >>
"मैं राजन के बिना जिंदा नहीं रह सकती हूं, क्योंकि मैं उससे प्यार करती हूं। और,यह मेरा आखिरी फैसला है।"इतना कहने के साथ ही रजनी की आंखें न� read more >>
आज ही के दिन हुआ भारत अपना आजाद था,
भारत मां के असंख्य वीर पुत्रों में भी एक "आजाद" था।
आजादी के लिए कितने वीर बलिदान हुए,
असंख्य वीर इस स� read more >>
...शब्द भेद का गुर जो-
लखे सहजे भवसागर तर जाए...
...सांस चक्कर में जीवन-
घुरत फ़िरे एक आवे एक जाए...
...देह-धाम,मन-मंदिर में-
रमता-राम सुरति चढ़ read more >>
आंखों में आंसू आ जाते हैं, जब शहीदों के चेहरे आंखों के सामने आ जाते हैं, उनकी कुर्बानी के कारण जब हम देश की आजादी का जश्न मनाते हैं, गुमना read more >>