श्री राम, लखन,सीता मैया संग ,
जब अपने घर आए ।
वह शुभ बेला,
खुशियां लायी,
जन जन ने दीप जलाए ।
जन जन ने दीप जलाए ।
दीपों से , श्रृष्टि हुई जा� read more >>
ले जा बाबू ले जा, ले जा चाचा ताऊ।
यह दुनिया बाज़ार, यहां हर चीज़ बिकाऊ।
यदि जुलूस निकलता है, तो भीड़ बिकती है।
जनाज़े में, रोने वालों की � read more >>
(1). सच कहा था तुमने कि
इस जहाँ में सारे पत्थर हैं
किसी को ज़ियादा अहमियत दो
तो आंकते ख़ुद से कमतर हैं
(2). ज़रा महसूस तो करो
मेरी तन्हाई की पी read more >>
मुझे तलाश है मंजिल की |
मैं बढ़ता हुँ अपनी मंजिल की ओर ,
फिर मन में ख्याल आता है ,
बढ़ रहा हुँ जिसे पाने के लिए ,
वो मेरी मंजिल नहीं |
फिर मैं म� read more >>
//...प्रेम-निवेदन...//
दिल में लगी है ,
आग मेरे
तुम सावन ,
बन जाओ ना...!
तन प्यासा है ,
है मन प्यासा
तुम प्रेम सुधा ,
बरसाओ ना...!
मंजिल से ,
मैं दू read more >>
बोझ !!
लेकर दिल मे, दिमाग मे,चिंताओं का बोझ!
जी रहा ईसान यहाँ, मर मर कर हर रोज !!
नहीं है यहाँ इलाज इस बोझ का !
साथ रहेगा यह, काम है इसका रोज का read more >>
Title :- कोई नहीं तुम जैसा है
जीवन मंच है अभिनय का ,
तो किरदार कहां तुम जैसा है
जीवन रण है गौरव का
तो वीर कहां तुम जैसा है
जीवन दमखम है दंगल क read more >>