शायरी एक समंदर है, जिसका कोई साहील नही!
मैं खुद से, खूद की कर्ब खोद रहाँ हूँ
मेरा कोई कातील नहीं!
बस नाम के ये रिश्ते , किस काम की ये दोस्त� read more >>
हवा से उडती धूल हू मे,
शायरी की राह में एक भुल हू मे!
किसी की संसो मे ,कहियो की आँखो मे,
उडती एक धुल हू मे !
कारो के शिषे पर जमी धुल,
पर लिखती read more >>
फाटकी झोळी दारी आली, कामा पूर्ती मामा झाली .
चोर चोर बग कोण? सरकार आली, सरकार आली .
मी नाही देश प्रेमी , आहे सैनिक पुजारी,
कारण देशाला खाणा read more >>
डोकावे रुद्यात कोणी , कोणी माझे ही व्हावे.
जेवलास का, रात्रीला msg मला ही यावे.
जागावे मी ही रात्र भर ,आयुष्य तिच्या सोबत जगावे.
शेवटी या ह read more >>
मैं उम्र मैंछोटा सही वो मुझसे बडी है,
मैं बैठता कही पीछे, वो पेहलि मेज पर बैठी परी है !
वैसे तो खॉबो मे चुम लेता हू उसे मै,
हकीकत ये है, वो � read more >>
ये ख़ालिस-
ज़िंदगी चले ना रब के बिना,
आरज़ू जीवन-
के खिले ना रब के बिना,
रौशन है यह-
जीवन उसी की रोशनी से,,
पता न उड़े-
कभी बिन हवा बिन झ� read more >>
चाहत किस-की...?
एक समय की बात है, एक व्यक्ति अपनी हाल ही में एक कार खरीदी वो उस को बड़ी चाहत से धुलाई करके चमका रहा था। उसी समय उसका पांच वर read more >>