रंग-बिरंगे ऐ कागजों की दुनिया में, मैं सादगी की तलाश में हूँ..!
मुझें पता हैं तुम वापस लौट कर नहीं आओगी, और मैं तुम्हारें इंतज़ार में हूँ...!! read more >>
नमस्ते दोस्तों
आज फिर एक बार इंसानियत शर्मसार हुई .....!
नारी की अस्मिता तार- तार हुई ...!!
चीखें उसकी खामोश हुई...!
खुद को बचाने की हर कोशिश � read more >>
(टिपः काल्पनिक नाटक)
Seen 1
(पोस्टर प्रदर्शन)
(भारतात काय काय चांगल होत आहे आणि लोकांचं लक्ष फक्त त्याच गोष्टींवर आहे त्याचे पोस्टर शो )
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कलम की खामोशी ने
कागज को रद्दी बना दिया।
ये बेरूखी हुस्न की कब तक जवान रखती
इस बच्चे से दिल को......भला
शौक-शौक में हमनें भी अपना सब लुटा � read more >>
मेरी चाहत से तू दूर हुआ है।
जाने तुझे क्यों गुरुर हुआ है ।।
ये मोहब्बत है.... मेरे हुजूर ......
बस एक नशा .......तु.....
इस दिल कि खाली जगह है तु ....
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हम उन्हें बाजीगर बना देंगे।
रहनुमां हम उन्हें एक दिन बाजीगर बना देंगे।।
इस दुनिया के हर खेल में .....
पर पहले,
वो जरा, हमारे शौक तो अपना ल read more >>
कैसे बताऊं, अपने मन की व्यथा... तूफान हो उठा दिल में, शब्दों से कैसे बयां करूं... कोई शब्द नहीं व्यथा बताने को... बस दिल करता है कोई समझ ले, सं� read more >>