ये वो कमरा है
ये वो कमरा है जहां मैं अपना पूरा दिन गुजारता था।
इस जगह ने मेरी हसीं देखी, तो मेरा रोना भी मेरी ख़ामोशी देखी है। तो मेरा बे� read more >>
रूठ कर मुझसे बो मनाने आई है,
ये उसकी साजिश है रुलाने आई है।
पिछले जख्म भरे नहीं अभी तक,
नए जख्मों पर नमक लगाने आई है।।
Written by
Mithun Anuragi read more >>