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मैं कवि हूं मैं मन पढ़ता हूं मैं बहती नदियों में तेज हवाओं में आसमा की बुलंदियों में स्वर ढूंढता हूं � read more >>
पूष का एक दिन (भाग-1) ठंड का दिन था बादल कुछ दिख रहे कुछ छिपे हुए थे खिलखिलाती धूप दिख रही थी । राजू खेत में काम करने गया था घर में उस� read more >>
नसीब ना हुआँ कभी ---- किसी के पहलू में रोने की----2 अगर रोने से गम हल्का होते -----💐 मुझे जी भर के रोने देना -----2 पता नही नज़र किस की लगी प्यार को----💐 read more >>
"सारथी कृष्ण" जब साथ हो भगवान खड़े रे आदमी तू कहे को डरे अर्जुन तीर चला न पाते गर कृष्ण सा सारथी न पाते.. क read more >>
"स्वर्ग और सैनिक" कर्म तुम्हारे अच्छे नही ऐसा लोग कहते है क्या जायेगा तू स्वर्ग में ऐसा क्यों कहते है? गर � read more >>
"ठंड की धूप" कुछ बादल काले काले कुछ पानी से भरे हुए है कुछ ढक लेते सूरज को धूप नही आ पाएगी ये बादल देखो कितन read more >>
"ठंड की धूप" कुछ बादल काले काले कुछ पानी से भरे हुए है कुछ ढक लेते सूरज को धूप नही आ पाएगी ये बादल देखो कितन read more >>
बैठों मेरे सामने में -----2 आरजू तुझे जी भर के दैखूँ ----💐 तुझे देख के जी नहीं भरता ----💐 है कौन सा मरासिम -----2 समझ लिया तो समझा देना मुझे -----💐 क्य� read more >>
"अंधापन इश्क का" उछाली जा रही पिता की पगड़ी फीकी पड़ रही भाईयो की मूछें जिम्मेदारी की एक पूरी मंडली कर रही तु� read more >>
"सच्चा राही" निकल पड़ा तू रास्ते पर मन में कुछ अरमान लिए दुनिया को अपना मान कर कुछ करने की अब ठा� read more >>
बड़ी अरमान से रखा -----2 सम्हाल के नर्सिंग -----💐 तुम और किसी के बाँहों में./--/2 गवारा ना होगा हर्गिज़ ----💐 भले उठ जाए मेरा जनाज़ा ---💐 read more >>
" राग - विरागिनी" मन है चंचल मन है विहवल एक प्रेम रागिनी फिरती है मन में पीड़ा लिए हुए राग- विराग में चलत� read more >>
बीतते हुए साल में महामारी और रंजिशो के हाल में रिश्तों की टूटती डोर को आओ मजबूत करे इस नए साल में आशाओं जिम्मे read more >>
"चांदनी रात" रात प्यारी सुहानी सी कुछ अच्छी कुछ डरावनी सी चांद निकलने वाला है अभी रात कहा हुई अभी घर में उ� read more >>
सबसे प्रेम से बोलो, किसी को बुरा मत कहो, सबसे अच्छा व्यवहार करो, किसी का तिरस्कार ना करो। read more >>
"साहसी विद्यार्थी" अंधेरे से कमरे में एक मैं और एक मेरा सपना वो जलती मोमबत्ती वही पढ़ाई का टेबल read more >>
आशाएं है शून्य शिखर पर मन में कुछ सवाल हर मोड पर कुछ रुक जाना हर रास्ते पर पूर्णविराम जीवन अंधेरे में दीप � read more >>
उम्मीद और आस खुद से लगाना, किसी के भरोसे जिंदगी ना चलाना, कुछ करना हैं अगर जीवन में, खुद की मेहनत पर ऐतवार हैं करना। read more >>
शीर्षक। " एक कदम लक्ष्य की ओर" तू राही है इन गलियों का अभी कहा तू रुक जायेगा तलाश है जो तुझको मोती क� read more >>
शीर्षक। " बगिया" फिर बसंत आएगा अभी तो मौसम है पतझड़ का खिलेंगी कलियां बैठेंगे भौंरे आनंद उठाएं read more >>
शीर्षक " मंजिल की राह में" हम निकले तो धूप हुई पांव लगे जलने मेरे रात काली डरावनी ठंड से भरी शीतो वाले सवेरे read more >>
कुछ दीप जलाओ ऐसे जो हृदय चीर दे तम का हो आशाएं शून्य शिखर पर मन मे ये सोच रखो कुछ कर जाए ,कुछ कर जाए। दीपक का उजाला प्रकाश दे read more >>
এই মোহা ভারতের কর্ম ভুমী, ক্ণ - কন জার লোখো প্রেম ধরে! প্রাকৃতী উজ্জবল অরূন, পবন, জার ধার - ধার তে রন্গ ভরে!! এই ভাসিযে রাখে অধিকাধি� read more >>
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