काँच ,बिखरे ,शहर ,
मैं,लहू का अरमान कहां,से लाऊं,
दोषी ,के पैरों में है ,धूप,।
मगर ,अंधा इस देश का कानून ,
मैं, आसमान कहां,से लाऊं,
बहुत,करीब स read more >>
कविता = (‌ विधि )
देखा किसी ने ना !
लेखा विधि का !!
फिर भी रहा तू !
यहाँ अजनबी सा !!
क्यों न हुआ तू !
यहाँ है किसी का !!
देखा किसी ने ना !
लेखा विध read more >>