स्वरचित रचना--- दूर हो या पास..........
संदर्भ--- दोस्ती!
दूर हो या पास
दोस्त तेरा अहसास!
बस मेरे लिए खास!
तू सलामत है तो,
मुझमें सलामत है सांस!
� read more >>
स्वरचित रचना---जुबां खामोश कहती है!
संदर्भित- ( At the deep love)
जुबां खामोश कहती है,
कहीं तो कुछ तो ऐसा है!
गुम हुआ होश कहता है
कहीं तो कुछ तो ऐसा � read more >>
जब आंख खुली तो मां की गोदी का एक सहारा था,
उसका आंचल मुझको भूमंडल से प्यारा था ,
उसका स्तन पान किया तो मैंने जीवन पाया था,
मुझको बढ़ता दे� read more >>
एक दीन का इंतजार किया कर लिये
जनाब........!!
लाखो सवाल कर दिये
आप जान आगर जाओ
सालो बीत गई थीं
ये आस में एक पल मिल जाये मुझे बस तेरे नाम कि
क read more >>