माझी चुकी केलीय ना मी accept तरीही का मिळतेय मला त्याची punishment तु कोणाला हसताना पहा आणि असच हसत रहा जेव्हा हसताना पहाटे मी तुला खर तर विसरून ज read more >>
कविता- वह मां थी!
रचना- जितेन्द्र शर्मा
तिथी- 01/01/2023
संदर्भ-प्रस्तुत पंक्तियां भारत संघ के कर्तव्य परायण और ऊर्जावान प्रधानमंत्री आदर� read more >>
Dear 2022 thank you,thank you
उन lessons के लिए जो तुमने मुझे सिखाया, एक नहीं हजारों
इसी साल से सीखा की लोग बदलने के लिए,decemaber का intzar नहीं करते
बल्कि mood and need के हिस� read more >>