मै एक कहानी को कविता का रुप देकर लिख रही हूं।
आशा करती हूं! आप सबको समझ आयेगी!
सुनीता _ जल्दी जल्दी काम निपटा लो!
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आज तुमने जो हमसे कहा
देखो कल उसको भूल न जाना
दिल को जो बात आज छू गई
देखो कल दिल तोड़ न जाना
आंखो में जो सपने भर दिए
देखो कल उस सपने को चुर� read more >>
# दोस्त .....
कभी नरम ,
कभी सख्त
जो जनाब होता है .....
सच में वही दोस्त
इस दुनिया में सबसे
लाजवाब होता है .....
चिन्ता नेताम " मन "
डोंगरगां� read more >>
# किताब ....
मैं क्या हूं , कैसा हूं
किसके जैसा हूं ,
जानना चाहोगे जनाब ....?
तब तो ,
पढ़ कर ही मुझे
जान पाओगे आप ....!
मैं तो हूं एक ,
खुली ह� read more >>