मानवता का अप्रतिम उदाहरण...
कल बाज़ार में फल खरीदने गया, तो देखा कि एक फल की रेहड़ी की छत से एक छोटा सा बोर्ड लटक रहा था, उस पर मोटे अक्षरों read more >>
मेरे अंतर का सुख
मेरा दुख कैसे!
जीवन के अनमोल बिंदु से,
मैं विचलित कैसे!
संशय और समाधान में,
बिखरा जीवन पल पल,
समय अगर रुक जाए तो,
ना सोच� read more >>
एक दिन सहसा...।
मेरी कानों में आकर धीरे से,
बहती हवा ने कहा"क्यों खामोश
बैठो हो?जरा मुझे बताना।"
सुनकर यह सवाल,
मैं पहले सहम गया।
क्या जव� read more >>