खता हमारी बस इतनी की हमनें ,
सत्य को सत्य और झूठ को झूठ कहा ।
विफर गये नजाने कितने ही मेरेअपने,
की आखिर किस बिनाह पर मैंने ये सबकुछ कहा ।� read more >>
*अनोखा मिलन*
शरारत की भी सीमा होती है...
पता नहीं कोई हया लिहाज नहीं है इनमें...
तीन वर्षीय अनीश को गोद में उठाए सीमा बड़बड़ाती हुई बालकनी स read more >>
अधरों तक ही रह गई, दिल की वह मधु बात।
करने से पहले वफा, करदी जानम रात।।
अधरों तक ही रह गई,हुस्न परी का प्यार।
किसी और की हो गई,हम से कर तकर read more >>
धीरे धीरे ही सही, आओ मेरे पास।
मुझको बहु दरकार है, पूरी कर दे आस।।
पूरी कर दे आस,खुशी जीवन में भर दे।
पा लूं मंजिल खास,गुनाहों से अब डर दे� read more >>
मेरे मे ना था वो खूबी मुझे सुधार दिया
मेरा ना होकर भी अपनापन जता दिया
ऐ दोस्त टूटे ना ये यारी
ज़ब तक जान मे हो जान
अंतिम सांस तक हो ये यार� read more >>