हो कितनी भी गुस्सा वो!
ख़ुद ही मान जाती है!!
छोटी हो तो चंडी !
बड़ी हो तो दुर्गा कहलाती है!!
भाई भाई की रट वो लगाती है!
दिन भर पकात� read more >>
✍️#कर्म का फल*
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एक गाँव में एक सुनार का घर था। उस सुनार का काम बहुत अच्छा चलता था। काम बढ़ाने के उद्देश्य से उसने एक दिन बहुत सार read more >>
जब तेरा मेरा हो साथ, तो फिर क्या बात,
गुजर भी जाएगी, यह ढलती हुई रात।
इन रातों के ढलने ,से सवेरा भी होगा,
फिर से तेरा मेरा ,मिलना भी होगा,
स� read more >>