मेरे हृदय में तेरे धाम रे प्रियतमा !
हृदय में बस के -
निर्दयी तू हँस के ;
हृदय मेरा बिखर दिया -
करके चूर - चूर ,
हृदय की रूधिर बना अत्रुनीर ;
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यह स्वर गीत आज मेने गाया /
बरखा में भीगी कोयल
गीला मन उसका सरमाया ,
सर के घर एक सोना सावन आया ,
यह स्वर गीत आज मेने गाया /
दिन का सूरज , और read more >>
द्वितीय विश्व युद्ध के खत्म होने के बाद दुनिया दो गुटों में बंट गई । एक तरफ अमेरिका और दूसरी तरफ सोवियत संघ। 25 दिसंबर 1991 को सोवियत संघ 15 अ read more >>
यहां था कोहरा घना, मैं था अंधेरों से सना। तेरी जो धूप परी मुझ पे, मैं भी उजालों से बना। तेरी किरणों के फुहारों में, मन रोशनी से भींग गया। � read more >>