बेटी से ज़ब बहु बनी मै
नये रिस्तो से बंध गई मै,
माँ बाप मिले पर मेरी जिद पूरी कर ना सके
छोटे भाई बहन मिले जो मेरी डाट सह ना सके
जिनके हाथो � read more >>
कास पेड़ भी चलते होते,
कितने मजे हमारे साथ होते,
बांध डाली में उसके रस्सी झूला भी झुल लेते, जहाँ कहीं हां मन कहता वहां उसे ले जाते।
जब जब � read more >>