Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
जीवन के उस पार क्या है!? अपार शांति या घोर लालसा!? पूर्णतः लालसा नहीं किन्तु शांति भी नही। इस पार इच्छाओं का यदि अन्त हुआ हो , तो उस पा� read more >>
मैं जिन्दगी में लाखों ख्वाहिशें रखता हूँ पर जो ना मिले मैं हमेशा उसी की तलाश रखता हूँ लगता है सब मिलेगा मुझे एक दिन इसी झूठी उम्मीद � read more >>
कविता-बिन बुलाए मेहमान बड़े ठाठ से दावत खाने, पहुंचे गंगू भाई तन पर शूट बूट पांव में,टांग गले में टाई कभी घराती कभी बराती,ठन बन दौड़ मच read more >>
मे अक्षय वर्मा,मैं जयपुर का रहने वाला हूं, मैं मध्यम वर्ग के परिवार से हूं ! मेरे परिवार में हम पाच लोग हैं,मैं मम्मी पापा ओर दो भाई ! हमार� read more >>
जीवन में बड़ी दुविधा है, जीवन के रास्ते में कठिनाइयां हैं, हर दौर से निकल कर फिर जीना हैं, गिरते पड़ते ही रास्ते को पार करना है। read more >>
तेरे ही रंग में रंगे हैं राधेश्याम, और कोई ना रंग भाये हमको, जग को छोड़ कर तेरे दर, आना हैं राधेश्याम। read more >>
पिलादे घूटी अपने नाम की राधेश्याम, उसका असर जीवन भर ना छूटे, ऐसी चढ़ जाये मुझे जीवन भर ना उतरे। read more >>
समय के साथ बदल जाओ, या फिर समय बदलना सीख लो, कभी भी किस्मत को मत कोसो , हर हाल में सम्भलना सीख लो। read more >>
दृश्य मौन के पीछे ... अदृश्य तांडव है... कोई जाकर पूछें मौन से... क्या..तूं सच में मौन है ! ✍️ रीता कुशवाहा ✍️ read more >>
हँसते रहो सदा हँसने में क्या गम है, दुनिया में परेशानी किसको कम है, खुशी - खुशी बिताओ यह जिंदगी अपनी, क्योंकि इसी का नाम कभी खुशी कभी � read more >>
जब तू था दिल में तो तु ही था अब जब तू नहीं तो तू भी नहीं जब तू था तो इश्क भी था प्रीत संगीत संस्कृत मीत भी अब जब तू नहीं तो ये सब पल पल ह� read more >>
कर रही गुलज़ार कलीयां, आपके ही नाम से! ये बना है पाक - स्थल, सारे जहां के धाम से!! ले रहा था नाम हरदम, ये ज़मीनो - गगन मेर� read more >>
मार गिराई जालिमों ने मैं चंद उम्र की बेटी थी कभी खेलती आंगन में कभी आंचल में लेटी थी। क्यों मार गिराए मुझे बस इतना बता दो इज्जत क्य� read more >>
कलाकार के लिए एक अच्छा इंसान बनना जरूरी है। दुनिया का हर इंसान कलाकार है और दुनिया रंगमंच जिसे अच्छी इंसानियत के बदौलत सजाया और संवार� read more >>
कविता-रक्तदान जय जय रक्तदान हे! मानव धर्म-प्रान हे! मानव जान बचाता है तू, जीवन नया दिलाता है तू, जीवन दान कहाता है तू, प्रकृति read more >>
ये देश हैं हमारा हम इस के संतान हैं मेरा मुल्क हिदुस्तान हैं न दूसरा हमारा लडेगें अंतिम सांस तक न समझना बेचारा ये सहनशीलता हैं मुझ read more >>
मोदी मोदी हर हर मोदी मोदी मोदी घर घर मोदी मोदी चाहें सब हो जाये बिगड़ी बात झट से बन जाये कभी न करता माफ़ दुशमन को मोदी मोदी हर हर मोदी � read more >>
एक गरीब को छूपते छूपाते देखा मैने लेकर सौ रुपए ब्याज पर रोते रुलाते देखा मैने ❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️ घर की हालत ठीक नहीं छत से पानी टपकते द� read more >>
नश्वर है जब तेरी काया बंधन में मन क्यों लगाया पाई- पाई धन जो तूने जोड़ा संग अपने क्यों ना ले पाया समझा जिसको तूने अपना चिता पर उन्हों read more >>
कुछ इस तरह से हम दिल को बहला रहे हैं आजकल कुछ कह रहे हैं कुछ सुन रहे हैं कुछ समझा रहे हैं आजकल कि तुम मेरी जिंदगी में ना सही मेरे खया� read more >>
देख के उदास मुझे, आंखे तेरी भी तो रोई होगी, करने को खुश मुझे, दुआ तूने भी तो की होगी । read more >>
ना हँसना एक बहाना था ना रोना किसी से छिपाना था ना थी कोई जरूरत, ना कोई जरूरी अफसाना था वो बचपन का मौसम भी कितना सुहाना था.. गिरकर उठना, � read more >>
शीर्षक (दृढ़ निश्चय) मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) मंजिल यू ही नही मिलती आसानी से। मंजिल के लिये चलना पड़ता है। मंजिल के रास्ते है कई सह� read more >>
मैं चुप क्या हुआ😓, सब चिल्लाने लगे कल था टेस्ट जिस खामोशी में शांत बैठा था 😟 ना पढ़ पाए मेरी खामोशी बस लांछन लगाने लगे टीचर भी मुझे फा read more >>
Join Us: