# अव्यक्त ...
हुआ बहुत ही धोखा ,
इसमें ऐसा ही होता ...!
कहीं-कहीं रात चांदनी ,
कहीं अंधेरा होता ...!
प्रेम ग्रंथ के पन्ने खोलूँ ,
लिख लूं अपनी � read more >>
सुना है आज फादर्स डे है पर वह कौन सा दिन है जो पिता के बिना है
मेरे लिए तो हर दिन फादर्स डे और मदर्स डे होता है
बचपन का समय याद करते हैं त� read more >>
कविता-मन की मनमानी
मन की मनमानी
खुद लिख जाती है
अपनी कहानी,
मन से ही जीते हम
मन से ही हारे
मन के आगे न
चलती जुबानी, मन की मनमानी-----
मन च� read more >>
जीवन मे मिले हो तुम मेरे, मै धन धान्य से पूर्ण हुआ।
जीवन मे मिले हो तुम मेरे, मै धन धान्य से पूर्ण हुआ।
पथ मे मेरे अब आलोकित राह का फिर आग� read more >>
पर्वत से नदी निकलती, लेकर नई उमंग।
कैसे, कौन रोकता है, मिल जाऊं सिंधु के संग।
झर- झर, झर- झर झरने बहते, उसको दे देते आधार।
एक-एक से मिल बन जा read more >>
आपने अक्सर देखा होगा कि हम हर वर्ष के एक ना एक दिन को किसी दिवस के रूप है अवश्य में मनाते हैं. इस बार हम सभी आठवें अंतरराष्ट्रीय योगा दिव� read more >>