चक्कर है साहब, पड़ ही जाता है।
राई का बन जाता पहाड़, गढ़ी बन जाता है गढ़।
पाठा का नाटा बन जाता, पहाड़ का बने कंकड़।
मकड़ी फंसती मकड़ -जाल, read more >>
हंस और हंसिनी दोनों एक- दूसरे से बहुत प्रेम करते थें दोनों साथ में कसमें खाए,वादें किए, पर जब निभाने का वक़्त आया तो निभाया उस हंसिनी ने � read more >>
में जानता हूँ की मुकम्मल इंशा भी नहीं हूँ ,
मगर हाँ वो कहती थी की में उसका खुदा हूँ.
गिरजेश
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राधिका: आचनक से आँखे खुलती है । सामने देखती है तो कोई अनजान इंसान सामने अपना पकड़ कर बैठा है, और बोलती है आप कौन ?
सुमन: जी मेरा नाम सुमन है � read more >>
आज भी मेरा सीना भले ,तेरे ,नाम का होगा,।
पर मेरा ,जीना , अपने स्वाभिमान का होगा,।।
बिखरे सीसे की क्या ,?भनक सुनते हो,।
टुकड़ों में देखना ,ज़ read more >>
शीर्षक ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
(अबुल पाकिर जैनुलअब्दीन अब्दुल कलाम)
देश के सपूत थे, देश के लिये अटूट थे।
भाई चारे का दिया सन्देश। कर गये ह� read more >>