रक्षाबंधन एक ऐसा त्यौहार है जिसका कोई मजहब नहीं होती ,कोई धर्म नहीं होती, ऊंच- नीच नहीं होती,कोई बड़ा - छोटा नहीं होता यह तो एक ऐसा अटूट र� read more >>
आओ, झूमों, नाचो, गाओ
देखो रुत है सावन की आई
घुँघराली, काली घनघोर बदली
जब आसमान में है छाई
धरती ने भी झूम, झूम कर विरह प्यास बुझाई
सावन की � read more >>
# निनाद …..
हे मानव तुमसे
मेरी है
ये विनम्र विनती
है यही मेरी
दिल की निनाद …..!
मानव मस्तिष्क के
एक कोने में
सड़ा सा पड़ा
ये जमा हुआ read more >>
# किताब ....
मैं क्या हूं , कैसा हूं
किसके जैसा हूं ,
जानना चाहोगे जनाब ....?
तब तो ,
पढ़ कर ही मुझे
जान पाओगे आप ....!
मैं तो हूं एक ,
खुली ह� read more >>
# दोस्त .....
कभी नरम ,
कभी सख्त
जो जनाब होता है .....
सच में वही दोस्त
इस दुनिया में सबसे
लाजवाब होता है .....
चिन्ता नेताम " मन "
डोंगरगां� read more >>
आज तुमने जो हमसे कहा
देखो कल उसको भूल न जाना
दिल को जो बात आज छू गई
देखो कल दिल तोड़ न जाना
आंखो में जो सपने भर दिए
देखो कल उस सपने को चुर� read more >>
मै एक कहानी को कविता का रुप देकर लिख रही हूं।
आशा करती हूं! आप सबको समझ आयेगी!
सुनीता _ जल्दी जल्दी काम निपटा लो!
&nbs read more >>